2 Dec 2017

खुद को Celebrity समझने की भूल

आज सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के मष्तिष्क को सोशल साइट्स  ने बहुत ही बीमार बना रखा है |  अधिकांश क्या सभी युवा आज सोशल साइट्स फेसबुक ट्विटर आदि  का भरपूर उपयोग कर रहे है जिस बात से हम सभी वाकिफ है |  लेकिन इसमें जो समस्या  सबसे ऊपर है वो ये है कि अधिकांश युवा खुद को एक सेलेब्रिटी की तरह समझने लग गये है |  आज कोई युवा अपना चित्र सोशल साइट्स पर अपलोड करता है और आशा करने लगता है कि अब इस पर लाइक कमेन्ट की बौछार होगी मगर दुर्भाग्य से शायद ही  ऐसा हो |  जब ऐसा नही होता तो उसके मन में  हीन भावना पनपने लगती है |  जोकि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है |  भला सोशल साइट्स के लाइक कमेन्ट से हम क्यों इतने प्रभावित हो कि हमारे स्वय के प्रति ही नकारात्मक विचार जन्मने लगे |

  
इस बात पर हम सभी को  एकबार जरूर सोचना चाहिए |  दूसरी बड़ी गलती ये है कि स्वय को सेलेब्रिटी की तरह समझना इसे साइकोलॉजी की भाषा में महानता का व्यामोह कहते है |  इससे जितना हो सके बचने की चेष्टा करे |  महानता के व्यामोह से पीड़ित व्यक्ति स्वय को किसी सेलेब्रिटी से कम नही समझता उसे लगता है उसे तो हर कोई पहचानता है क्योंकि वो एक महान व्यक्ति है उसके चर्चे हर जगह है |  इस तरह की मानसिकता से जब कोई युवा कोई भी कार्य करता है तो वो ज्यादा से ज्यादा लोंगो की तरफ से स्वय की तारीफ़ सुनना पसंद करता है और जब ऐसा नही होता है तो स्वय ही टूटने और निराश होने लगता है |  इन सब समस्याओं से उबरने का एक ही तरीका है कि स्वय को सेलेब्रिटी ना समझा जाए बल्कि जो यथार्थ हो उसी वास्तविकता को समझ कर समाज से अपेक्षाए  रखी जाए |  अन्यथा यह एक मानसिक अवसाद मात्र समझो जोकि बहुत हानिकारक है |  
आशा करते है आपको यह लेख अवश्य पसंद आया  होगा | 
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धन्यवाद 

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